Poem for self – a children day poem

child within you

  अपने अंदर के बच्चे को ना खो देना तुम, इन रीति रिवाज़ों में इन तीज त्योहारो में इन दुनिया की रस्मो मैं मीठे वादों में अपने अंदर के बच्चे को ना खो देना तुम, शहर की चखा चौन्द मैं …

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बदलता जमाना

badalta zamana

वक़्त है आज गुजर जायेगा तेरा साथ है एक दिन छूट जायेगा बदलेगा जमाना तू भी बदल जायेगा वक़्त है आज गुजर जायेगा तू आज साथ है मै बड़ा जो हूँ कल मैं छोटा होंगा तू भी बदल जायेगा बदलेगा …

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Tu duniya ki chinta chhordh de

Think about yourself

​तू दुनिया की चिंता छोड़ छोड़ दे तू, बस नीचे गिरता जाएगा तू दुनिया की चिंता छोड़ दे अपने लक्ष्य से डग मगा जायगा तू दुनिया की चिंता छोड़ ये सबसे दुखी है तू तो इंसान है ये तो भगवान …

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भीड है भीड मे खो जाने दो

Bheedh Hai Bheedh Main Kho Jaane do!

  भीड है भीड मे खो जाने दो. कुछ अपना सा हो जाने दो. तनहा हूँ मैं , तनहा हो जाने दो. एक बस मकसद है , पूरा हो जाने दो. भीड मे मुझे खो जाने दो वो बड़  रहा …

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