Poem for self – a children day poem

child within you

  अपने अंदर के बच्चे को ना खो देना तुम, इन रीति रिवाज़ों में इन तीज त्योहारो में इन दुनिया की रस्मो मैं मीठे वादों में अपने अंदर के बच्चे को ना खो देना तुम, शहर की चखा चौन्द मैं …

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अब कोई ख्वाइश नही है दिल मैं

Hindi Sad Poem for girl

अब कोई ख्वाइश नही है दिल मैं अब कोई हलचल नही है दिल मैं में पत्थर की बनना चाहती हूँ मैं बेजान हो जाना चाहती हूँ मैं टूट कर बिखर रही हूँ मैं आग मैं सुलग रही हूँ मैं अपनो …

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और वक़्त के साथ ‘हम’ बदल गए है

Waqt Ke saath Hum badal gye hai..

पहले के टाइम मैं, ‘I am fine’ कहकर अपने दिल की बात छुपा लेती थी, आज ‘sab badiya hai’ कह देती हूं!! पहले रात का चांद नसीब होता था, और अब ना चाँद है, ना ही सवेरा!! पहले मैं अपने …

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Tu duniya ki chinta chhordh de

Think about yourself

​तू दुनिया की चिंता छोड़ छोड़ दे तू, बस नीचे गिरता जाएगा तू दुनिया की चिंता छोड़ दे अपने लक्ष्य से डग मगा जायगा तू दुनिया की चिंता छोड़ ये सबसे दुखी है तू तो इंसान है ये तो भगवान …

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